How to Win and Influence Peoples

STEP 1

⇐How to Make People Like You⇒

Principle 1: Become Genuinely Interested in other Peoples

Principle 2: Smile

Principle 3: Remember That’s a person name is to that person the Sweetest and most important sound in any language.

Principle 4: Be a good listener, Incourage other to talk about themselves.

Principle 5: Talk in term of the others person’s Interested.

Principle 6: Make the other person feel important – and do it sincerely.

STEP 1

⇐How to Win People To Your Way of Thinking⇒

Principle 1: The only way to get the best of an Argument is to avoid it.

Principle 2: Show respect of the other person opinion. Never say, You are Wrong.

Principle 3: If you are wrong, Admit it quickly

Principle 4: Being in a friendly way

Principle 5: Get the other person saying “Yes, Yes” Immideitly

Principle 6: Let the other person do a great deal of the talking

Principle 7: Let the other person feel that the idea is his or hers.

Principle 8: Try Honestly to see things from the other person’s point of view.

Principle 9: Be sympathetic with the other person’s ideas and Diaries

Principle 10: Appeal to the nobler motives

Principle 11: Dramatise your ideas

Principle 12: Throw down a Challange

दुनिया का सबसे बड़ा डर – गरीबी का डर

Kuldeep Singh Article.jpg

दोस्तों कहते हे किसी भी बात या हालात से डरना नहीं चाहिए, लेकिन आज मैं आपसे एक ऐसे डर के बारे में बात करूंगा, जिस डर से शायद हर इंसान को डरना चाहिए। एक ऐसा डर जिससे आप जितना ज्यादा डरोगे उतना ही आपके लिए ाचा हैं, अब आप सोच रहे होंगे की ये किसी बात हैं, की डरना अच्छी बात हैं. और हाँ मैं कोई भुत, प्रेत या मरने वाले डर की बात नहीं कर रहा हु. आज में जिस डर की बात करूंगा उस डर का नाम हैं ???

गरीबी का डर

हाँ अपने बिलकुल सही पड़ा “गरीबी का डर”, दोस्तों ये एक ऐसा डर हैं जो कंही न कंही हर इंसान के अंदर होना जरूरी हैं. क्युकी आज का इंसान बिना डर के कोई काम नहीं करता हैं, जैसे में आपको कुछ Example से समझता हु. बच्चा इसलिए सम्भल के चलना सिख जाता हैं क्युकी उसे गिरने का डर होता हैं, एक औरत अपनी सुंदरता को इसलिए संभाल के रखती हैं क्युकी उसे अपनी बदसूरत लगने का डर होता हैं, और एक आदमी भी कोई गलत काम करने से पहले अपनी इज़्ज़त और शारीरिक नुकसान को लेके डरता हैं. इंसान हो या जानवर सब एक अंदर एक दर छुपा होता हैं.

ऐसा ही एक अजीब सा डर मुझे भी कुछ दिन से परेशान कर रहा हैं. और वो हैं गरीबी का डर, ये डर मेरा हर जगह मेरा पीछा करता हैं. जब में कंही घूमने जाता हु, किसी से मिलता हु, जब में बाजार में होता हु, जब भी कोई त्यौहार या किसी की शादी होती हैं, ये डर मेरा हर जगह पीछा करता हैं,

क्युकी में एक मिडिल क्लास फैमिली में पैदा हुआ हु. जहां सिर्फ और सिर्फ पैसे कम से कम कैसे खर्च करने हैं ये सिखाया जाता हैं. मेरे माता पिता ने मुझे शहर के सबसे काम फीस वाले स्कूल में पढ़ाया। बाजार में जिस दुकान से सबसे सस्ते कपडे मिलते थे वही से मेरे लिए कपडे लिए जाते थे, और घूमने के लिए अपने शहर से ज्यादा कुछ देखा नहीं। तो बचपन से मेने अपने माता पिता के चेहरे पे ये डर देखा था. लेकिन उस समय में छोटा था तो मोज़ मस्ती मैं कभी इन बातो पे ध्यान ही नहीं जाता था.

लेकिन धीरे धीरे में जब बड़ा होता गया तो पता नहीं कैसे माता पिता के चेहरे पे दिखने वाला डर, कब मेरे चेहरे पे आने लगा. में हमेसा सोचता हु की क्या में हमेसा इसी डर के साथ जीता रहूंगा, में तो में क्या मेरे बच्चे भी इसी डर के साथ जियेंगे। क्या वो भी जब मुझसे किसी खिलोने, कपडे या कंही घूमने की ज़िद्द करेंगे तो में भी बस उस गरीबी के डर की वजह से उन्हें बेहला फुसलाया करूंगा। जब मेरे माता पिता मुझसे किसी भी तरह के आराम की उम्मीद करेंगे और में उन्हें वो आराम नहीं दे पाऊ. सोचता हु तो अपने आप से घृणा होने लगती हैं की आखिर में कब तक अपने इस डर से डरता रहूंगा।

नहीं बिलकुल नहीं, बिलकुल भी नहीं। में इस डर के साथ नहीं जी सकता मुझे अपने अंदर से यह गरीबी का डर निकलना हैं, और ऐसा निकलना हैं की ये डर मेरा तो क्या मेरी सात पुस्तो तक का पीछा न कर सके.

मुझे वक़्त के साथ नहीं, वक़्त से आगे चलना होगा, अपनी मेहनत की घडी में कुछ और घण्टे जोड़ने होंगे. अगर मेने आज इस गरीबी के डर से डर के कुछ नहीं किया तो ये डर मुझे और मेरे परिवार को ज़िन्दगी भर डरायेगा। इतना पैसा कमाऊंगा, इतना पैसा कमाऊंगा की ये डर मेरे सपनो में भी ना आ पाए.

दोस्तों अगर आपको भी लगता हैं की यह गरीबी का डर आपके अंदर भी हैं तो बस आज ही से अपने आराम के घंटो को कम करके काम के घंटो को बड़ा दीजिये.

“अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद”

30 Powerful Tips For Make Better Life

  1. Take a 10-30 minutes walk every day.
  2. Sit in silence for at least 10 minutes each day.
  3. Sleep for 7 hours.
  4. Live with the 3 E’s – Energy, Enthusiasm, and Empathy.
  5. Play more games.
  6. Read more books than you did the previous year.
  7. Spend time with people over the age of 70 & under the age of 6.
  8. Dream more while you are awake.
  9. Eat more foods that grow on trees and plants and eat less food that is manufactured in plants.
  10. Drink plenty of water.
  11. Smile and laugh more.
  12. Don’t waste your precious energy or time on gossip.
  13. Forget issues of the past. They’ll just ruin your present happiness.
  14. Don’t have negative thoughts or things you cannot control. Instead invest your energy in the positive present moment.
  15. Realize that life is a school and you are here to learn. Problems are simply part of the curriculum that appear and fade away like algebra class but the lessons you learn will last a lifetime.
  16. Eat breakfast like a king, lunch like a prince and dinner like a beggar.
  17. Life is too short to waste time hating anyone, so don’t even try.
  18. Don’t take yourself so seriously.
  19. You don’t have to win every argument. Just agree to disagree.
  20. Make peace with your past so it won’t spoil the present.
  21. Don’t compare your life to others’. You have no idea what their journey is all about. Don’t compare your partner with others either.
  22. What other people think of you is none of your business.
  23. No one is in charge of your happiness except you.
  24. However good or bad a situation is, it will change.
  25. Your job won’t take care of you when you are sick. Your friends will. Stay in touch.
  26. Get rid of anything that isn’t useful, beautiful or joyful. Envy is a waste of time. You already have all you need.
  27. No matter how you feel, get up, dress up and show up.
  28. Your inner most is always happy. So be happy.
  29. Don’t over do. Keep your limits.
  30. Always at the very least, try.